मोहल्ला क्लास में निकल रहे है सांप और बिच्छु, बढ़ा खतरा, पालक चितिंत

दुर्गेश मरावी



सीमित संख्या के साथ शालाओ से कक्षा संचालन की मांग,

कोरोना महामारी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित ना हो इसे ध्यान में रखते हुए शासन ने मोहल्ला क्लास का संचालन शुरू कर दिया है लेकिन मोहल्ला क्लास में कहीं सांप निकल रहे हैं तो कहीं बिच्छू! जिससे शिक्षक और बच्चे एवं उनके पालक भयभीत और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं इसे देखते हुए सीमित संख्या में ही शालाओं में कक्षा संचालन की मांग उठने लगी है।

करोना काल के दौरान सभी व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है। इस दौर में लोगों को सुरक्षित रखने के लिए कार्य सुचारू ढंग से संचालित हो इसके लिए विभिन्न तरीके आजमाए जा रहे हैं ।इसमें शिक्षा विभाग में बच्चों को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में निरंतरता रखने के लिए मोहल्ला क्लास को विकल्प के तौर पर प्रयोग में लाया गया है। गत वर्ष भी मोहल्ला क्लास के माध्यम से ही कक्षाओं का संचालन हुआ और इस वर्ष भी पुनः मोहल्ला क्लास आरंभ हो गया है, लेकिन इसे लेकर हमेशा से शिक्षक और बच्चे भयभीत और असुरक्षित महसूस करते रहे हैं। क्योंकि मोहल्ला क्लास संचालन के लिए कोई स्थाई या सुरक्षित जगह नहीं है कहीं पर भी बरामदे में तो कहीं पेड़,खेत खलिहान के नीचे खुली जगह पर क्लास का संचालन हो रहा है।
अभी हाल ही में कुछेक जगहों पर मोहल्ला क्लास में सांप बिच्छू निकलने से डर और बढ़ गया है ।गत दिनों नगोई में मोहल्ला क्लास संचालन के दौरान एक साथ 2 बिच्छू निकल गए थे, वही लाफा संकुल में ही एक महिला शिक्षिका के बैग में सांप घुसने की खबर है। कुछ अन्य जगहों पर भी इस तरह घटनाएं सामने आई हैं।इसकी जानकारी अभिभावकों को हुई तो उन्होंने अपने बच्चों को लेकर चिंता जाहिर की है। अभिभावकों ने शासन से मांग की है कि स्कूल से सुरक्षित कोई जगह नहीं है। यदि शालाओं में किसी भी फार्मूले के तहत कम संख्या में कोविद प्रोटोकाल का पालन करते हुए बच्चों को स्कूल बुलाकर कक्षा संचालन किया जाए तो इससे एक सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण तैयार होगा ।जो सभी के सेहत के लिए अच्छा होगा इस प्रशासन को विचार करना चाहिए। वैसे भी मोहल्ला क्लास और ऑनलाइन कक्षाएं कारगर साबित नहीं हो रही है। या केवल औपचारिकता निभाने का एक तरीका है।

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