पत्रकारिता से जिन का दूर-दूर तक लेना देना नहीं। वह भी कोरोना फ्रंटलाइन वरियर बन कर कर लगवा रहे वेक्सिन

आंख मूंद कर जारी हो रहे जनसंपर्क से आदेश , पहुंच और कुछ तथाकतित कर्मी से मिलकर जारी करवा रहे पत्र

प्रवीण सोनी बिलासपुर = बिलासपुर में आपदा को अवसर में बदलने में कुछ लोग लगे है जिसमे पत्रकारिता जेसे पेशे को भी नही छोड़ रहे है । मिली जानकारी की अनुसार प्रदेश के मुखिया ने  प्रेस कर्मचारी, हाकरो ओर  फील्ड रिपोटिग रिपोटरो , पत्रकारों को करोन कॉल में वरियार मान कर उनके परिवाजनो सहित वेक्सीनेसन में वरीयता दी है । जहा ये सभी आसानी से अपने और पाने परिवार वालो का वेक्सीनेसन करवा सकते है ।मगर बिलासपुर में  इस आपदा के समय भी कुछ नामचीन और  तथाकथित लोग इस अवसर का लाभ लेने से भी नही चूक रहे  है। जो फर्जी ,और पहुंच के नाम पर अपने और अपने परिवार वालो का नाम भरवा कर  इन पत्रकारों का हक मार रहे है और करोना वरियार बन कर वेकसिनेसन करवा रहे है । कुछ धनाढ्य लोग और प्रेस में अपनी पहचान के बल पर प्रेस जारी करवा कर इसका बेखौफ इस्तेमाल कर रहे हैं जबकि इनका पत्रकारिता से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं है गौरतलब है कि प्रशासन ने जनसंपर्क विभाग को प्रेस कार्ड, अधिमान्यता कार्ड, या पीआरओ लेटर की उपलब्धता होने पर ही पत्र जारी कर वैक्सीनेशन के लिए मान्य किया है जहां अधिकतर लोग प्रेस कार्ड दिखाकर वैक्सीनेशन करवा रहे हैं वही वैक्सीनेशन सेंटर में ड्यूटी पर कार्यरत अधिकारी भी भाई भतीजावाद करते हुए बिना किसी जांच के उन्हें पत्रकार मान उनका वैक्सीनेशन कर रहे हैं यह इसलिए भी हो रहा है कि बिलासपुर प्रेस क्लब होने के बावजूद किसी भी प्रकार का सहयोग जनसंपर्क को पत्रकारों के लिए नहीं मिला। गौरतलब है कि बिलासपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष पद का चुनाव कुछ ही महीनों में होना है जहां हर बार की तरह इस बार भी कई ऐसे लोगों को सदस्य बनाया जाएगा जिनका पत्रकारिता से कोई लेना-देना नहीं होगा वह सिर्फ अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए वोट बैंक के रूप में इनका इस्तेमाल करेंगे इसके एवज में शहर के तथाकथित लोग प्रेस क्लब के सदस्य के रूप में सदस्यता लेंगे जिसका लाभ पत्रकारिता मैं नहीं बल्कि उसके आड़ में होने वाले कुछ एक लाभों से होगा। इसलिए प्रेस क्लब भी इस मामले में चुप्पी साधे है अगर प्रशासन की बात करें तो उनके पास पर्याप्त सूची है जिसमें प्रेस संस्थाओं में कार्यरत लोगों का नाम दर्ज है बावजूद उसके ऐसे लोगों को प्राथमिक तौर पर टीका लगना अपने आप में जांच का विषय है इस मामले में जांच कराने पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आ सकती है जल्दी इस मामले को लेकर कलेक्टर से चर्चा की जाएगी साथ ही खबरों के साथ छेड़छाड़ कर दूसरों को दे बुरा भला कहना और उनके पीठ पीछे बुराई कर उनको बदनाम करने वाले तथाकथित पत्रकारों पर भी यह तमाचा होगा जो ऐसी गंदी सोच लेकर पत्रकारिता की आड़ में धंधे बाजी करते हैं।

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