लाकडाउन बढ़ाने का नहीं खोलने का रास्ता सोचिए मुख्यमंत्री जी।

कमजोर और मध्यवर्गीय के पास खाने तक का नहीं रहेगा

प्रवीण सोनी बिलासपुर=  भूपेश बघेल की सरकार ने फिर से एक बार लाक डाउन बढ़ाने का निर्णय लिया है लेकिन सरकार के कुछ विधायक ही इसके विरोध में है  मीडिया के माध्यम से अपील की है कि  लाक डाउन बढ़ाने के बजाय इसे खोलने पर विचार करना चाहिए। उनका कहना है कि इस फैसले से कमजोर और मध्यवर्ग इतने कठिनाइयों में पड़ जाएंगे। कि उनके पास खाने तक का नहीं रहेगा। मध्यवर्गीय परिवार का एक आदमी अपनी 1 महीने की किश्त जमा नहीं करता है तो उसे दिन में 5 बार बैंकों से फोन आने लगते हैं दबी जुबान से ही सही मगर कुछ विधायकों ने इस बात की अपील की है कि जिन जिलों में मरीज कम आ  रहे हैं जिलों में लॉकडाउन खोलने का रास्ता सोचना चाहिए। नागरिक समितियों की समितियों से यह तय किया जाना चाहिए कि कहां के बाजार कब तक खुलेंगे। और किस उम्र तक का व्यक्ति बाहर आ सकेगा। जिन व्यक्तियों को करो ना कि दोनों डोज  लग चुका  है वह भी करना संक्रमित हुए हैं और मौतें भी हुई है इसलिए इस बात का अंदाज लगा पाना बहुत ही मुश्किल है कि हम कब तक करोना से मुक्त हो पाएंगे। और कितने समय तक हमें इस वैश्विक महामारी का सामना करना पड़ेगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले ही कह दिया है कि वह बाजारों को लंबे समय तक बंद नहीं रख सकते।  ऐसे में प्रदेश के मुखिया को भी व्यवस्था के आधार पर ऐसा कोई कड़ा निर्णय लेने की आवश्यकता है

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