महापौर और कांग्रेस कमेटी के सचिव रविंद्र सिंह ने गरीबी की मदद।

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प्रवीण सोनी Bilaspur  = बिलासपुर नगर निगम के महापौर रामशरण यादव जी एंव प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव रविन्द्र सिंह जी ने आज जरुरत मद गरीब परिवार के सदस्यों को सुखा राशन पैकेट वितरण किया
महापौर रामशरण यादव व पुर्व जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रविन्द्र सिंह ने कहा कि हमारे प्रदेश के मुखिया भुपेश बघेल जी के सोच अनुरूप हम सभी को चाहिए कि प्रत्येक व्यक्ति के पास भोजन की ब्यवस्था हो ।कोरोना काल में भी छत्तीसगढ़ के कोई ब्यक्तिय भुखा नही सोयेगा ।
इस पुनीत कार्य में महापौर रामशरण नगरनिगम के पार्षद रविन्द्र सिंह श्रीमती सीमा घृतेश जोन कमिश्नर आर एस चौहान इंजीनियर आशिष अग्रवाल कांग्रेसीनेता हरीश तिवारी शिवा मुदिलयार राधेश्याम परिहार बालु जाजोदिया मदन अग्रवाल प्रभाकर राव रामु शुक्ला चन्द्रहास शर्मा अशोक तिवारी उत्तम चटर्जी अशोक साहु राघवेन्द्र सिंह प्रशांत पाण्डेय परेश श्रीवास्तव संगीत मोईत्रा सजय दवे विक्की नानवानी पंकज बर्ड़े राजेन्द्र विष्ट योगेश पिल्ले अजय तिवारी रिकु परिहार गुड़्ड़ु चदेल विजय तिवारी सदीप मिश्रा छोटु बर्ड़े अजय सोनी राजेश जोसेफ बब्लु केशरवानी पियुष अग्रवाल सतोष चौहान बिनोद कछवहा बंटी अग्रवाल निटु परिहार दिलीप साहु राहुल दुबे संदीप सिंह मुकेश दुबे रितिक सिंह सन्नी चौहान उदय गंगवानी पिन्टु आड़ील मनोज साहु नरेन्द्र सिंह सजय यादव कर्ण सिंह नेब्रोन मसीह मृत्युजय तिवारी जावेद खान यश सिंह मुकेश कछवहा अजय पंत अजय गोस्वामी र जनक बंधे मजीत यादव विक्रम ध्रुव पप्पू विष्ट राजा यादव आदि उपस्थित थे।

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  1. !! वर्चुअल शिकायत पत्र !!
    1,श्रीमान जिला कलेक्टर, अंबिकापुर जिला सरगुजा छत्तीसगढ़ !
    श्रीमान मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत अंबिकापुर, सरगुजा छत्तीसगढ़ !
    3, श्रीमान परियोजना प्रशासक, एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना, अंबिकापुर सरगुजा छत्तीसगढ़!
    विषय:- जिले में स्थानीय नरवा गरूवा घुरवा बारी अवधारणा हेतु अनुसूचित क्षेत्र में जनजाति कृषि प्रणालियों के पुनरुद्धार मिलेट रिजूवनेशन प्रोजेक्ट में लूटी गई करोड़ों रुपए राशि की वसूली एवं प्रभावी कार्यवाही हेतु!
    आदरणीय महोदय
    विषयांतर्गत संक्षिप्त शिकायत निम्नानुसार है
    1, यह कि जिले के सातों जनपद पंचायतों को विशेष केंद्रीय सहायता मद से 18 18 लाख रुपये की विषयांतर्गत प्रोजेक्ट की प्रशासकीय स्वीकृति आदेश अनावेदक क्रमांक 3 कार्यालय से सभी जनपद पंचायतों को बर्ष 2019 20 में दी गई थी!जिसमें जनपद पंचायतवार हितग्राहियों की संख्या, राशि की मात्रा, हितग्राहीवार सामग्री वितरण हेतु राशि की मात्रा एवं कार्य एजेंसी का नाम सहित ,17 बिंदुओं में नियम व शर्तें क्रियान्वयन हेतु निर्धारित की गई थी! ताकि इसमें भ्रष्टाचार ना हो सके! किंतु कार्य एजेंसियों ने सारे नियम व शर्तें को ताक पर रखकर प्रोजेक्ट क्रियान्वयन की फर्जी खानापूर्ति दर्शा कर, फर्जी दस्तावेज के आधार पर पूरी राशि हड़पने का काम किया है ! उक्त प्रोजेक्ट में से राशि का 10% का भी उपयोग उद्देश्य के लिए नहीं नहीं किया गया है!
    2 यह कि जनपद पंचायत अंबिकापुर मैनपाट बतौली सीतापुर एवं लूँड्रा के सी ई ओ को कार्य एजेंसी बनाया गया है ,जो भ्रष्टाचार एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर इन जनपद पंचायतों में प्रभारी सीईओ पद पर पदस्थ हैं ! जिनका एकमात्र उद्देश्य भ्रष्टाचार करना ही है! इसी तरह जनपद पंचायत लखनपुर एवं उदयपुर में इस प्रोजेक्ट का निर्माण एजेंसी उप संचालक कृषि अंबिकापुर को बनाया गया है, जो भ्रष्टाचार करने में माहिर है! इस तरह से भ्रष्टाचार करने वाले को ही निर्माण एजेंसी बनना एवं बनाया जाना बहुत बड़ी सवालिया निशान हैं? सातों जनपद पंचायतों में एक करोड़ 26 लाख रुपए उक्त प्रोजेक्ट के तहत आवंटित की गई! किंतु 10% भी प्रोजेक्ट के उद्देश्य में खर्च नहीं की गई और पूरी राशि भ्रष्टाचार पूर्वक हड़प ली गई है!
    3,य़ह कि जनपद पंचायत अंबिकापुर का कार्य एजेंसी उक्त प्रोजेक्ट की राशि की अधिकतम 10% राशि की सामग्री का वितरण 18 ग्राम पंचायतों में,एक पिकअप वाहन से भिजवाया और कुछ ग्रामीणों को मक्का बीज एवं कीटनाशक दवाएं वितरण करने का फोटोग्राफ तैयार कराया! जिसमें ग्राम पंचायत सरपंच एवं सचिव से पावती स्वरूप, सादे कागजों में सील मोहर सहित हस्ताक्षर कराया एवं बाद में मक्का बीज दवा एवं वर्मी कंपोस्ट की मात्रा लिखकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिया ! फिर कार्य एजेंसी सीईओ श्री तिवारी ने अपने कार्यालय के मातहत -कार्यक्रम अधिकारी, वरिष्ठ करारोपण अधिकारी एवं विकास विस्तार अधिकारी से से मिलकर , प्रोजेक्ट का – कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र, उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं निरीक्षण प्रतिवेदन फ़र्जी तैयार कर, पूरी राशि 18 लाख रुपए आहरण कर आपस में बंदरबांट कर लिया ! उपरोक्त तथ्य आवेदक को, आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर मीडिया कर्मियों के समक्ष जांच में उजागर हुई है!
    4, यह कि जनपद पंचायत मैनपाट बतौली एवं सीतापुर के तीनों प्रभारी सीईओ क्रमशः श्री सुरेश्वर नाथ तिवारी श्री विजय नारायण श्रीवास्तव एवं श्री सूरज प्रसाद गुप्ता ने स्वयं कार्य एजेंसी होते हुए तीनों ने किसी ग्रामीण साक्षरता सेवा संस्थान को उक्त प्रोजेक्ट का ठेका अनुबंध या कार्य एजेंसी बना दिया जो समझ से परे है? जिसने सारे नियम व कायदे को ताक पर प्रोजेक्ट का कार्य क्रियान्वयन करने की कागजी खानापूर्ति, फर्जी तैयार किया! जिसके तहत उसने प्रति हितग्राही 2 किलो बाजरे का बीज एवं ₹140 की दवा एवं उनके चयन में खर्च होना दर्शा दिया! जबकि प्रति हितग्राही 16500 रुपए की सामग्री देना था, जिसके स्थान पर ₹500 रू,की भी हितग्राहियों को सामग्री नहीं दी गई! इतना ही नहीं 109 हितग्राहियों में से आधे लोगों को को ही दी गई है और पूरी राशि आपस में बंदरबांट कर लिया गया है !
    5, यह कि जनपद पंचायत लूँद्रा द्वारा इस प्रोजेक्ट के संबंध में जानकारी मांगने पर काफी टालमटोल एवं गुमराह करते हुए यह जानकारी दी गई, कि प्रोजेक्ट की राशि अनावेदक क्रमांक 3 को वापस कर दी गई है! जनपद पंचायत लखनपुर एवं उदयपुर में उक्त प्रोजेक्ट का कार्य एजेंसी उप संचालक कृषि कार्यालय से जानकारी मांगने पर ,उसके द्वारा कोई जानकारी नहीं दी जा रही जबकि उसकी अपील भी की जा चुकी है ! इस तरह से इन तीनों जनपद पंचायतों मैं प्रोजेक्ट की राशि का क्या हुआ ? इसकी जांच एवं राशि की वसूली किया जाना उचित एवं आवश्यक है ? मैंने अपने स्तर पर जांच मैं यह पाया कि उक्त प्रोजेक्ट के तहत कोई कार्य तीनों जनपद पंचायतों में नहीं हुआ है!
    6, यह कि जनपद पंचायत अंबिकापुर मैनपाट बतौली एवं सीतापुर से प्राप्त जानकारी का दस्तावेज बतौर उदाहरण इस आवेदन के साथ प्रस्तुत की जा रही है जिस के अवलोकन से प्रथम दृष्टया हैं उक्त प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार करने के लिए किस तरह से निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करते हुए एवं कूट रचित दस्तावेज तैयार किया है, पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी !जनपद पंचायत अंबिकापुर के ग्राम पंचायतों को 500 एवं 1000 किलो वर्मी कंपोस्ट देने का फर्जी कागज तैयार किया गया है! जबकि किसी भी ग्राम पंचायत को 1 ग्राम भी वर्मी कंपोस्ट नहीं दी गई है! मैनपाट बतौली और सीतापुर के तीनों भ्रष्ट प्रभारी सीईओ ने ग्रामीण साक्षरता सेवा संस्थान से प्रोजेक्ट क्रियान्वयन कराने के कागजी खानापूर्ति तैयार कराया है, जिसमें संस्थान ने प्रति हितग्राही चयन एवं सेवा के नाम पर 5000 रुपए खर्च होना बताया है! जो अंबिकापुर एवं उक्त तीनों जनपदों के बिल वाउचर परस्पर विरोधी हैं! जबकि एक ही प्रोजेक्ट है!
    7,यह कि शासन प्रशासन एवं सरकार द्वारा भ्रष्टाचार को गंभीर समस्या माना गया है आवेदक भी भ्रष्टाचार को राष्ट्र का शत्रु मानता है तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी अपने कई निर्णयों में भ्रष्टाचार को आर्थिक आतंकवाद एवं ऑक्टोपस की संज्ञा देते हुए इसे समाप्त करने हेतु संवेदनशील निर्णय इसे गम्भीर समस्या बताई गई है ! इस प्रोजेक्ट में संबंधित कार्य एजेंसियों एवं अन्य लोगों द्वारा आपस में एक राय होकर एवं अपराधिक षड्यंत्र रचकर, किसान जन हितार्थ की शासकीय राशि का, अमानत में खयानत करने का आपराधिक कृत्य किया गया है, जो आईपीसी की धारा 120 बी 409 419 420 467 468 471 का संज्ञेय गंभीर अपराधिक कृत्य है! जांच के समय आवेदक को भी आहूत किया जाए ताकि जांच में सहयोग कर आवश्यक तथ्य प्रस्तुत कर सके और जांच में सहयोग मिले !
    अतः श्रीमान से निवेदन है कि उक्त कृषि पुनरुद्धार मिलेट प्रोजेक्ट में अपने जिले में हुई भ्रष्टाचार की जांच करते हुए भ्रष्टाचार पूर्वक लूटी गई राशि की वसूली करते हुए इसमें संलिप्त समस्त भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराते हुए दंडित करने कराने की कृपा की जाए!!
    सादर धन्यवाद आवेदक ए एन पांडेय
    सामाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ता निवासी संजय पार्क कॉलोनी वार्ड क्रमांक 20 अंबिकापुर, जिला सरगुजा छत्तीसगढ़ मोबाइल नंबर 19261 23961 7000 16528 ,,
    प्रतिलिपि —
    समस्त संपादक एवं संवाददाता बंदूकन महोदय, इलेक्ट्रॉनिक एवं दैनिक समाचार पत्र कृपया इस आवेदन को शासन प्रशासन के समक्ष पहुंचाने में सहयोग एवं सहायता अपेक्षित है !!

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