cgp news – China Coronavirus Vaccine India: चीन की कंपनी Sinopharm ने कहा है क‍ि उसकी कोरोना वायरस वैक्‍सीन द‍िसंबर तक बाजार में आ जाएगी। चीन के दावे के व‍िपरीत इस वैक्‍सीन के प्रभावी होने को लेकर सवाल उठ रहा है।

पेइचिंग

कोरोना वायरस महामारी के बीच चीन ने दावा किया है कि उसकी कोविड-19 वैक्‍सीन दिसंबर तक बाजार में आ जाएगी। कोरोना वैक्‍सीन बनाने वाली चीन की सरकारी कंपनी Sinopharm ने कहा है कि अंतराष्‍ट्रीय बाजार में कोरोना वायरस वैक्‍सीन के दो डोज की कीमत करीब 130 डॉलर (9700 रुपये) होगी। चीन का यह टीका बाजार में तो आ रहा है लेकिन उसके लद्दाख में चल रहे तनाव को देखते हुए भारत को मिलने को लेकर संदेह बना हुआ है। आइए जानते हैं क्‍या है पूरा मामला….

 

चीनी कंपनी ने कहा कि वैक्‍सीन के तीसरे और अंतिम चरण का ट्रायल चल रहा है। उधर, अधिकारियों ने डर जताया है कि कोरोना वायरस की यह वैक्‍सीन अगले साल तक ही तैयार हो पाएगी क्‍योंकि चीन में फिर से संक्रमण फैल गया है। इससे टेस्‍ट में काफी दिक्‍कत हो रही है। हालांकि यूएई में इस वैक्‍सीन का ट्रायल हो रहा है और 15000 लोगों पर इसको करने की तैयारी है

Sinopharm कंपनी ने कहा है कि वह एक साल में 22 करोड़ डोज बनाने में सक्षम है। उधर, हालिया ट्रायल में पता चला है कि लोगों को कोरोना से प्रभावी प्रतिरक्षा हासिल करने के लिए दो से तीन डोज लेना पड़ रहा है। चीन की वैक्‍सीन बनाने इस क्षमता से खुद उसके ही नागरिकों को टीका मिलने पर संदेह उठने लगा है। चीन कुल आबादी एक अरब 40 करोड़ है। ऐसे में सबको टीका मिलने में काफी समय लग जाएगा। यह टीका अपने पहले और दूसरे ट्रायल में सफल रहा है।

 

उधर, विशेषज्ञ यह भी कह रहे हैं कि यह वैक्‍सीन सुरक्ष‍ित होने के बाद भी कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में सक्षम नहीं रही है। बता दें कि चीन की पहली कोरोना वायरस वैक्‍सीन     Ad5-nCoV को पेटेंट मिल गया है। इस वैक्‍सीन को चीन की सेना की मेजर जनरल चेन वेई और CanSino Biologics Inc कंपनी के सहयोग से बनाया गया है। चीनी के सरकारी समाचार पत्र ग्‍लोबल टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक इस वैक्‍सीन को पेटेंट मिल गया है। चीन इस वैक्‍सीन के तीसरे चरण का दुनिया के कई देशों में ट्रायल कर रहा है।

 

चीन ने वैक्‍सीन को बनाया ‘हथियार’, भारत को जल्‍द मिलना मुश्किल

अमेरिकी अखबार वॉल स्‍ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक चीन कोरोना वायरस वैक्‍सीन को हथियार के रूप में इस्‍तेमाल करने पर विचार कर रहा है। चीन कोरोना वायरस वैक्‍सीन का इस्‍तेमाल ब्‍लैकमेल करने के लिए कर रहा है। चीन उन्‍हीं देशों को वैक्‍सीन देने का ऑफर दे रहा है जो दक्षिण चीन सागर में उसके दावे को मान्‍यता दे रहे हैं। चीन ने ब्राजील, इंडोनेशिया, पाकिस्‍तान, रूस और फ‍िलीपीन्‍स को प्राथमिकता के आधार पर वैक्‍सीन देने का वादा किया है। व‍िशेषज्ञों का मानना है कि भारत के लद्दाख में चीन का तनाव चल रहा है, ऐसे में वह भारत को जल्‍द वैक्‍सीन देने से परहेज कर सकता है।

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