CGP NEWS भारत रत्न और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का मंगलवार को लोधी रोड़ स्थित शवदाह गृह में अंतिम संस्कार किया गया। प्रणब मुखर्जी का 84 साल की उम्र में सोमवार को निधन हो गया था। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत सीमित लोगों की उपस्थिति में अंतिम संस्कार किया गया। उनका शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। इससे पहले सुबह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई गणमान्य नागरिकों ने प्रणब दा को उनके आवास पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी 10 राजाजी मार्ग पहुंचकर प्रणब दा को श्रद्धांजलि अर्पित की। भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

प्रणब दा जुलाई, 2012 में राष्ट्रपति पद पर आसीन होने से पहले वह रक्षा और वित्त जैसे अहम मंत्रालय संभाल चुके थे। उन्हें 10 अगस्त को दोपहर दिल्ली कैंट स्थित आरआर (रिसर्च एंड रेफरल) अस्पताल में भर्ती किया गया था। उनके मस्तिष्क में खून का थक्का जम गया था, जिसकी सर्जरी हुई थी। वे उसी दिन कोरोना संक्रमित पाए गए थे। ऑपरेशन के बाद भी उनकी सेहत में सुधार नहीं हुआ। वे कोमा में थे और उनके फेफड़े व किडनी में भी संक्रमण हो गया था। उन्हें वेंटीलेटर सपोर्ट देना पड़ा था। सोमवार को शाम 4ः30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
राष्ट्रीय राजनीति में लगभग पांच दशक तक अपनी क्षमता का लोहा मनवाने वाले प्रणब मुखर्जी भारत के 13वें राष्ट्रपति थे। विलक्षण राजनीतिक प्रतिभा और गुणों के कारण उन्हें चाणक्य, संकटमोचक जैसे कई विशेषण दिए जाते रहे हैं।

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